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अपनी थाली बचाने के चक्कर में पार्टी की थाली में छेद कर रहे नेता, विधानसभा चुनाव में करारी हार से भी नही सीखे सबक, अब लोकसभा में भी पार्टी का करेंगे बंटाधार,,प्रदेश अध्यक्ष का जैजैपुर कार्यक्रम आखिर क्यों हुआ रद्द,दिल्ली दौरे का आखिर क्यों बनाना पड़ा बहाना,पूर्व विधायक सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता भाजपा में होने वाले थे शामिल,,
सक्ती,,लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही भाजपा छत्तीसगढ़ के एक एक सीट पर गंभीरता से मंथन करने में लगी है ताकि इस बार प्रदेश की 11 की 11 सीटो पर कब्जा कर सके मगर कई सीटो पर पार्टी के नेता ही पार्टी का बंटाधार करने में लगे है हम बात कर रहे है जांजगीर चांपा लोकसभा सीट की जहां बीजेपी को जीत हासिल करना उतना आसान नहीं होगा क्योंकि कांग्रेस के वरिष्ट नेता नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत का दबदबा इस क्षेत्र में बना हुआ है और अपना दबदबा कायम रखते हुए डॉ महंत के खिलाडियों ने जांजगीर चांपा लोकसभा के 8 विधानसभा सीट में भाजपा प्रत्याशी को करारी हार देते हुए आठों सीट पर जीत हासिल की है जांजगीर चांपा लोकसभा के 8 विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है ऐसे में इस बार भाजपा के लिए इस लोकसभा में जीत हासिल करना आसान नहीं होगा अब ऐसी स्थिति में अगर जिले के बड़े भाजपा नेता ही पार्टी को कमजोर करने में लग जाए तो इस बार भाजपा को जांजगीर चांपा लोकसभा सीट से हाथ धोना पड़ सकता है।

प्रदेश अध्यक्ष का जैजैपुर कार्यक्रम आखिर क्यों हुआ रद्द,दिल्ली दौरे का आखिर क्यों बनाना पड़ा बहाना,पूर्व विधायक सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता भाजपा में होने वाले थे शामिल,,
सोमवार को बीजेपी की तरफ से जानकारी दी गई की मंगलवार 27 फरवरी को जैजैपुर के दशहरा मैदान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव आने वाले है जिसके लिए पूरी तैयारी शुरू कर दी गई थी इस कार्यक्रम में जैजैपुर विधानसभा से दो बार बसपा से विधायक रहे केशव चंद्रा अपने हजारों कार्यकर्ताओ के साथ भाजपा प्रवेश करने वाले थे इसके साथ ही जेसीसीजे पार्टी से चुनाव लडे टेकचंद चंद्रा,कांग्रेस पार्टी के कमल पटेल और हाल ही में आम आदमी पार्टी से सक्ती विधानसभा के प्रत्याशी रहे अनुभव तिवारी भी अपने सेकडो कार्यकर्ताओ के साथ भाजपा प्रवेश करने वाले थे लेकिन शाम को बीजेपी के तरफ से एक और सूचना आई की प्रदेश अध्यक्ष का जैजैपुर दौरा रद्द हो गया है उनका दिल्ली बुलावा आ गया है जब मामले में हमने गहराई से पड़ताल की तो पता चला की पार्टी के ही बड़े नेता जिन्होंने पहले विधानसभा चुनाव में पार्टी की नैया डुबाई है वो ही नही चाहते की इन सभी नेताओ का भाजपा में प्रवेश हो ताकि भविष्य में उनकी उस विधानसभा से दावेदारी सुरक्षित रह सके,जबकि प्रदेश अध्यक्ष आज रायपुर में ही है और उनके दिल्ली दौरे की जानकारी देते हुए कार्यक्रम को रद्द किया गया।इन नेताओ को लोक सभा में पार्टी की जीत हार से कोई फर्क नहीं पड़ता ये केवल अपनी कुर्सी सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे है।
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