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रेत की चमक में हो रहा खूनी खेल,कई बड़े नेताओं की संलिप्तता,विधायक का बयान किसकी ओर कर रहा इशारा,सुपारी किलिंग या रंजिश,क्या असली दोषियों के चेहरे हो पाएंगे बेनकाब,,देखिए वीडियोतीसरे दिन धरना समाप्त कराने पहुंचे तहसीलदार, आदिवासी परिवार ने कहा जब तक न्याय नहीं मिल जाता धरने पर डटे रहेंगे,देखिए वीडियोकलेक्टर को बदनाम करने की किसने रची साजिश, गोंगपा के ब्लॉक अध्यक्ष ने अपने ही पार्टी के नेता की खोली पोल,अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा-ब्लैकमेलर नेता के खिलाफ धरने पर बैठा सवरियां आदिवासी परिवार, दो सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू,S.I.R का कार्य पूर्ण, सक्ती जिले ने किया टॉप,कलेक्टर ने पत्रकारों,निर्वाचन टीम सहित कार्य में लगे सभी को दी बधाई,,
छत्तीसगढ़जांजगीर - चाम्पाराजनीतिविशेष समाचारसक्ती

रेत की चमक में हो रहा खूनी खेल,कई बड़े नेताओं की संलिप्तता,विधायक का बयान किसकी ओर कर रहा इशारा,सुपारी किलिंग या रंजिश,क्या असली दोषियों के चेहरे हो पाएंगे बेनकाब,,देखिए वीडियो

सक्ती,, सक्ती जिले के करही गांव में युवा व्यापारी की हत्या ने एक बार फिर सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ये खूनी खेल कब थमेगा,क्या रेत की चमक के आगे इंसानी जान सस्ती हो चुकी है,गुरुवार की रात तीन नकाब पोश हथियार के साथ व्यवसायी सम्मेलाल कश्यप के घर घुसे ओर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसके एक बेटे को मौत के घाट उतार दिया वही दूसरे को घायल कर भाग गए,इस पूरी घटना ने क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है क्योंकि यह पहली घटना नहीं है इससे पहले भी रेत के लिए गांव के उपसरपंच को भी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था इन सब के पीछे कौन है ये सब जानते है मगर पुलिसिया जांच में उसका नाम सामने नहीं आता ओर अगर आता भी है तो अपनी राजनीति पहुंच से उस नाम को मिटा दिया जाता है सक्ती में एक बार फिर रेत की चमक में कातिल नेताओं ने अपनी सारी हदें पार की है।

 

विधायक का बयान किसकी ओर कर रहा इशारा,

 

घटना के बाद जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू ओर जांजगीर चांपा विधायक व्यास कश्यप ने घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है दोनों ही विधायकों के बयान को अगर ध्यान से सुना जाए तो दोनों ही विधायकों ने इस खूनी खेल के पीछे चेहरों की ओर इशारा किया है मतलब स्पष्ट है कि इस रेत के खूनी कारोबार के पीछे कौन सफेद पोश कातिल बनकर तलवार लिए अपने प्रतिस्पर्धी का गला काट रहा है यह सब जान रहे है मगर डर का ताला मुंह में लगा हुआ है जो खुलकर बोलने की अनुमति नहीं दे रहा है फिर भी जिले के समझदार सब जानते है।

कौन सफेदपोश हो सकते है बेनकाब

पूरे घटनाक्रम को हमने बारीकी से जांच की तो पता चला कि राजधानी में बैठे एक बड़े नेता जिसने पार्टी बदलकर अपनी किस्मत चमकाई है उसके इशारे पर ये सब हो रहा है जिसमें सक्ती जिले के तीन बड़े नेता ओर एक जनप्रतिनिधि का पति इस पूरे घटनाक्रम के पीछे इनकी संलिप्तता बताई जा रही है मगर सवाल यही उठता है कि क्या सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी।

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