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पीएम आवास में फर्जीवाड़ा की खुलने लगी पोल,अध्यक्ष के बयान ने खड़े किए कई सवाल,फर्जीवाड़ा के सबूत लेकर नेता प्रतिपक्ष पहुंचे कलेक्ट्रेट,,

 

सक्ती,,पीएम आवास को लेकर बाराद्वार नगर पंचायत के अधिकारी ओर जनप्रतिधि सवालों में घिरते नजर आ रहे है,गरीबों को आवास देने के नाम पर बड़े पैमाने में शासकीय भूमि के रिकॉर्ड में कूट रचना की शिकायत अब सही साबित होते दिख रही है वहीं नगर पंचायत बाराद्वार के अध्यक्ष नारायण कुर्रे के मीडिया को दिए बयान ने मामले को फिर से गरमा दिया है अध्यक्ष का कहना है कि कांग्रेस सरकार में भी वहाँ कब्जा कर आवास बनाए गए थे इसकी जांच क्यों नहीं हो रही,वही बचाव में अब जिम्मेदारो का कहना है कि जिसके दस्तावेज गलत होंगे उसके आवास निरस्त कर देंगे मगर सवाल यही उठता है कि अगर इस मामले में शिकायत नहीं होती तो क्या सरकार में बैठे लोग शासकीय भूमि का बंदरबांट करेंगे,

नेता प्रतिपक्ष फर्जीवाड़ा के सारे सबूत अधिकारियों को सौंपे

बाराद्वार नगर पंचायत में 288 पीएम आवास स्वीकृती के लिए दस्तावेज तैयार किये गए है जिसमें करीब 246 आवास आबादी ओर घास मद की भूमि में बनाए जा रहे जबकि घास मद की भूमि का उपयोग आवास बनाने के लिए नहीं किया जा सकता मगर नगर पंचायत के जिम्मेदारों ने पटवारी के साथ सांठगांठ कर घास भूमि को आबादी भूमि बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिये थे जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भी भेज दिया था जिसकी शिकायत नगर पंचायत के नेता प्रतिपक्ष अभिषेक राय ने अधिकारियों से की है शिकायत के बाद मामले में जांच टीम गठित कर दी गई है जो इस मामले के संबंधित दस्तावेज ओर साक्ष्य इकट्ठा कर रही है शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके द्वारा इस फर्जीवाड़ा को लेकर सारे साक्ष्य ओर जमीन के दस्तावेज जांच अधिकारी को सौंप दिया है अब जांच अधिकारी इसपर क्या कार्यवाही करते है यह देखना होगा,,

अध्यक्ष के बयान ने खड़े किए कई सवाल

वही नगर पंचायत बाराद्वार के अध्यक्ष नारायण कुर्रे के बयान ने मामले को फिर से गरमा दिया है अध्यक्ष का कहना ही घास भूमि में इतने सारे मकान कैसे बन गए जो 10 वर्षों से वहां रह रहे है इस पर भी जांच होनी चाहिये कांग्रेस कार्यकाल में बड़े पैमाने पर आबादी भूमि की खरीदी बिक्री हुई है इस पर जांच क्यों नहीं हो रही,अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार को निशाना साधते साधते खुद जमीन की असलियत मीडिया के सामने उजागर कर दी,,

 

जिम्मेदारी से बचते दिखे सीएमओ

पूरे मामले में नगर पंचायत बाराद्वार के सीएमओ मामले से बचने की कोशिश कर रहे है उनका कहना है कि मामले की शिकायत मिली है जिसपर जांच की जा रही है राजस्व विभाग का मामला है इसके लियें जिले में जांच टीम गठित की गई है उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी,मगर गलत डीपीआर में हस्ताक्षर कर सीएमओ ने अपनी कलम जरूर फंसा ली है साथ ही आवास से संबंधित जांच रिपोर्ट में की गई गड़बड़ी कार्यालय के कई अधिकारियों पर भी गाज गिरा सकती है

नगर पंचायत बाराद्वार में बड़े पैमाने में पीएम आवास में हुए फर्जीवाड़ा की शिकायत के बाद अधिकारियों के भी कान खड़े हो गए है वहीं शिकायतकर्ता ने भी फर्जीवाड़ा के सारे साक्ष्य अधिकारियों को सौंप दिया है नगर पंचायत के अध्यक्ष के बयान ने भी इस शिकायत को कही न कही सही साबित कर दिया है कि कहीं न कही शासकीय जमीन पर बड़ा खेल हुआ है अब इस पूरे मामले में जांच टीम की क्या रिपोर्ट आती है यह देखने वाली बात होगी,,

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